कार को लेकर बवाल: थार नहीं मिली तो बारातियों को बनाया बंधक, घंटों चला हाई वोल्टेज ड्रामा
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में दहेज में बड़ी गाड़ी की मांग करने पर दुल्हन पक्ष ने पूरी बारात को बंधक बना लिया. दुल्हन पक्ष ने पहले से ही शादी में स्विफ्ट डिजायर कार देने के लिए घर में खड़ी कर रखी थी, लेकिन दूल्हा चाहता था कि उसे थार गाड़ी मिले. लोगों ने दूल्हे को समझाने की कोशिश की, लेकिन मामला बढ़ गया जिसके बाद दुल्हन पक्ष ने दूल्हे समेत दो दर्जन से ज्यादा बारातियों को बंधक बना लिया. जानकारी मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन दोनों पक्षों में कोई सुलह समझौता नहीं हो सका.
दरअसल, ये मामला सहारनपुर के उमाही गांव का है, जहां पर अंजुम नाम की युवती का रिश्ता करीब एक साल पहले उत्तराखंड के ज्वालापुर निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर सैफ अली से तय हुआ था. 27 अप्रैल को सैफ अली बारात लेकर अंजुम के घर पर पहुंचा. चारों तरफ खुशी का माहौल था. इसी खुशी के माहौल के बीच निकाह की सारी रस्में पूरी की गईं.
दूल्हा थार की करने लगा मांग
इसके बाद जब विदाई का समय आया तो अंजुम के परिजनों ने स्विफ्ट डिजायर गाड़ी की चाबी दूल्हे सैफ अली को दी, लेकिन सैफ को गाड़ी पसंद नहीं आई. उसने कहा कि उसको थार गाड़ी चाहिए. दुल्हन पक्ष के लोगों ने दूल्हे को काफी समझाने की कोशिश की लेकिन वह थार गाड़ी की ही मांग करने लगा. गांव के बड़े बुजुर्गों ने भी दूल्हे को बहुत समझाया, लेकिन वह नहीं माना. इसके बाद दुल्हन पक्ष ने दूल्हे समेत दो दर्जन बारातियों को बंधक बना लिया.
पुलिस भी मौके पर पहुंच गई
जानकारी मिलने के बाद मौके पर पुलिस भी पहुंची और दोनों पक्षों से बात की. दूल्हा पक्ष अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बता रहा है. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया, लेकिन समझौता वार्ता के दौरान दोनों पक्षों में मारपीट हो गई. अब दोनों पक्षों के बीच सुलह और समझौता कराने की कोशिश की जा रही है. अगर दोनों पक्षों के बीच में सुलह समझौता नहीं होता है तो दोनों पक्ष जो भी शिकायत दर्ज करेंगे. पुलिस उसी के आधार पर कार्रवाई करेगी.

तुलसी और गौमाता: आरोग्य प्राप्ति के दो दिव्य स्तंभ, जानें कैसे दूर रहेंगे रोग?
यंत्रों की रहस्यमयी शक्ति: जानें कैसे ज्यामितीय आकृतियां बदल सकती हैं आपकी किस्मत?
हथेली में छिपा है आपके जीवन का नक्शा: जानें रेखाओं और बनावट का दिलचस्प संकेत
अतिथि सत्कार की पहली कड़ी: मेहमान को पानी पिलाने के पीछे छिपे हैं ये 3 बड़े रहस्य
1 मई अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर विशेष : हर हाथ को काम, हर श्रमिक को सम्मान: विष्णु देव सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गेहूँ उपार्जन केन्द्रों का किया आकस्मिक निरीक्षण
दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना से सावित्री को मिला संबल