निठारी हत्याकांड: सुरेंद्र कोली की मुश्किलें फिर बढ़ सकती हैं, SC में 30 जुलाई को होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने निठारी हत्याकांड मामले में सुरेंद्र कोली को बरी किए जाने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई के लिए 30 जुलाई की तारीख तय की है. ये अपीलें जस्टिस बी आर गवई और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आईं. यह मामला 2006 में उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित निठारी इलाके में बच्चों की जघन्य हत्या से जुड़ा है. 29 दिसंबर 2006 को मोनिंदर सिंह पंढेर के निठारी वाले घर के पीछे एक नाले से 8 बच्चों के कंकाल मिलने के बाद यह मामला उजागर हुआ था. इसके बाद इलाके की तलाशी में और भी मानव अवशेष बरामद हुए.
इस मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 16 अक्टूबर 2023 को सुरेंद्र कोली और मोनिंदर सिंह पंढेर को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था. इस फैसले को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI), उत्तर प्रदेश सरकार और एक पीड़ित के पिता ने चुनौती दी है. यह मामला मोनिंदर सिंह पंढेर और उसके घरेलू सहायक सुरेंद्र कोली के खिलाफ है, जिन पर 2005-06 के दौरान निठारी के पड़ोसी बच्चों और युवतियों के साथ दुष्कर्म और हत्या का आरोप लगाया गया था.
निचली अदालत ने 2010 में सुनाई थी मौत की सजा
कोली को निचली अदालत ने 2010 में मौत की सजा सुनाई थी. यह मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर आधारित है, जिसमें कोई प्रत्यक्षदर्शी मौजूद नहीं था. कोली के वकील ने इस आधार पर दलील दी. वहीं याचिकाकर्ता पक्ष ने इसे जघन्य अपराध करार दिया. सुप्रीम कोर्ट ने माना कि दलीलें एक दिन में पूरी नहीं होंगी और अगली सुनवाई की तारीख 30 जुलाई तय कर दी.
2007 में पंढेर और कोली के खिलाफ दर्ज हुए थे 19 मामले
2007 में पंढेर और कोली के खिलाफ कुल 19 मामले दर्ज किए गए थे. सीबीआई ने तीन मामलों में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की. जबकि कोली को बाकी मामलों में अलग-अलग सजा दी गई. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जांच एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा था कि वो जनता के विश्वास पर खरी नहीं उतरीं.

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