पूजा में शामिल होने के लिए पीरियड रोके, जान चली गई; विशेषज्ञ बोले- ऐसी गलती दोहराना हो सकता है जानलेवा
कुछ लड़कियां व महिलाएं पूजा में बैठने के लिए पीरियड्स को रोकने वाली दवा का सेवन करती हैं। यह आपके हॉर्मोन्स को प्रभावित करती हैं। लेकिन यह तरीका एक लड़की के लिए जानलेवा साबित हुआ। वैस्कुलर सर्जन ने इस कहानी को शेयर किया।
पीरियड्स रोकने की गलती
पीरियड्स रोकने की गलती
पीरियड्स एक आम और सामान्य शारीरिक क्रिया है। प्यूबर्टी प्राप्त करने के बाद हर महीने लड़कियों का शरीर प्रेग्नेंसी के लिए खुद को तैयार करता है। जब प्रेगनेंसी नहीं होती तो वो गर्भाशय की परत को खून के साथ निकाल देता है। लेकिन हमारे देश में इसको लेकर अलग-अलग मान्यताएं हैं। कुछ के मुताबिक इस वक्त पूजा पाठ या धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होना वर्जित होता है। ऐसी ही एक मान्यता 18 साल की एक लड़की के लिए जानलेवा बन गई।
डॉक्टर ने सुनाई दुख भरी कहानी
एक यूट्यूब चैनल पर बैंगलुरू के वैस्कुलर सर्जन डॉक्टर विवेकानंद ने एक दुख भरी कहानी सुनाई। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग कॉलेज के फर्स्ट ईयर में पढ़ने वाली एक 18 साल की लड़की दोस्तों के साथ अस्पताल आई। वो काफी तकलीफ में थी।
पैर में हो रहा था दर्द
डॉक्टर ने आगे बताया कि उसे पैर में दर्द, जांघ में दर्द, पैर में सूजन हो रही थी। वो काफी दर्द और तकलीफ में थी। जब उससे पूछा कि यह सब कब से शुरू हुआ तो उसने एक पूजा में बैठने के लिए पीरियड्स रोकने की बात कबूली।
पीरियड्स रोकने का ये तरीका
उसने बताया कि पूजा में बैठने के लिए पीरियड्स रोकने वाली कुछ हॉर्मोनल पिल्स ली थी। 3 दिन तक ये दवा लेने से उसकी नस के अंदर खून का थक्का जम गया। डॉक्टर ने कहा कि यह डीप वेन थ्रोम्बोसिस करने वाली वजहों में से एक है। ऐसा कभी कभी देखने को मिल जाता है।
स्कैन में निकला क्लॉट
डॉक्टरों ने उसका स्कैन किया, जिसमें उसकी अम्बिलिकस के बिल्कुल नजदीक एक क्लॉट निकला। अम्बिलिकस एक आम एलियक वेन होती है, जो खून को पेल्विक से वापिस दिल तक ले जाती है। यह काफी खतरनाक स्थिति थी।
परिवार वालों ने नहीं समझी डॉक्टर की बात
डॉक्टर ने लड़की के दोस्तों और उसके वार्डन से बात करके बताया कि उसे तुरंत एडमिट करके इलाज करवाने की जरूरत है। लेकिन उन्होंने कहा कि घरवाले फैसला लेंगे और घरवालों से बात हुई थी उन्होंने कहा कि हम कल आकर बात करते हैं।
रात में 2 बजे आया फोन
डॉक्टर विवेकानंद ने शेयर किया कि दुर्भाग्य से रात में 2 बजे के आसपास मुझे कॉल आई कि एक जवान लड़की को इमरजेंसी में एडमिट किया गया है और वो सांस नहीं ले रही है, यानी उसकी मृत्यु हो गई है।
लोगों को रहता है शक
डॉक्टर ने आगे कहा कि लोगों को डॉक्टर्स पर एक शक रहता है कि हम सभी मरीज को एडमिट करने की कोशिश करते हैं। उस लड़की और उसके घरवालों को भी ऐसा ही कुछ रहा होगा। मगर उस मामले को मैं आजतक नहीं भूल पाया हूं।
डीप वेन थ्रोम्बोसिस क्या है?
डीप वेन थ्रोम्बोसिस तब होता है, जब एक या उससे ज्यादा खून के थक्के डीप वेन में जम जाते हैं। ऐसा अक्सर पैरों में होता है। मायोक्लीनिक के मुताबिक इसकी वजह से पैर दर्द और सूजन की शिकायत होती है।

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