हर घर तक सम्मान की छत पहुंचाने में बिलासपुर जिला अव्वल
रायपुर : प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के सफल क्रियान्वयन में बिलासपुर जिले ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2024-25 में जिले ने 33 हजार 687 आवास पूर्ण कर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि न केवल प्रशासनिक दक्षता का उदाहरण है, बल्कि हजारों परिवारों के जीवन में आई स्थिरता, सुरक्षा और सम्मान की प्रतीक भी है।
मिशन मोड में कार्य करते हुए 33 हजार से अधिक मकान पूर्ण
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले में वर्ष 2016 से 2023 तक कुल 55 हजार 991 आवासों का निर्माण पूर्ण किया गया, जो 95 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति दर्शाता है। वहीं, वर्ष 2024-25 में 33 हजार से अधिक मकान पूर्ण कर जिले ने मिशन मोड में कार्य करते हुए नई मिसाल कायम की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में यह योजना प्रभावी रूप से लागू हुई है। नियमित फील्ड विजिट, समयबद्ध वित्तीय सहायता और हितग्राहियों के साथ निरंतर संवाद के परिणामस्वरूप यह उल्लेखनीय प्रगति संभव हुई है। प्रशासन की प्राथमिकता रही है कि पात्र परिवारों तक योजना का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुँचे। टीमवर्क और ग्रामीणों के सहयोग से ही यह संभव हुआ है। प्रधानमंत्री आवास योजना केवल मकान निर्माण की योजना नहीं है, बल्कि यह हर ग्रामीण परिवार को सम्मानजनक जीवन देने का प्रयास है। बिलासपुर जिला इसी दिशा में सतत प्रगति कर रहा है।
गरीब परिवारों में जगा आत्मविश्वास की नई किरण
वर्ष 2024-25 के लिए जिले को कुल 66 हजार 510 आवासों का लक्ष्य मिला, जिनमें से 58 हजार 977 आवासों को स्वीकृति दी गई। निर्माण कार्य की गति बनाए रखने हेतु सरकार द्वारा तीन किश्तों में वित्तीय सहायता प्रदान की गई। पहली किश्त में 57 हजार 565 हितग्राहियों को, दूसरी किश्त में 47 हजार 861 हितग्राहियों को और तीसरी किश्त में 27 हजार 447 हितग्राहियों को सहायता दी गई। समय पर राशि जारी होने से निर्माण कार्यों में तेजी आई और जिले ने तय समयसीमा में लक्ष्य प्राप्त किया। प्रधानमंत्री आवास योजना ने ग्रामीण अंचलों के गरीब परिवारों के जीवन में सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास की नई किरण जगाई है। पक्के घरों के निर्माण से बच्चों को बेहतर पढ़ाई का माहौल मिला, बुजुर्गों को विपरीत मौसम में भी सुरक्षा मिली और महिलाओं को घर-परिवार के संचालन में सुविधा हुई।
“मोर आवास, मोर अधिकार” पोर्टल हितग्राहियों के लिए अत्यंत उपयोगी
यह योजना अब केवल आवास निर्माण कार्यक्रम नहीं रह गई है, बल्कि यह ग्रामीण भारत के सामाजिक सशक्तिकरण का प्रतीक बन चुकी है। शासन द्वारा प्रारंभ किया गया “मोर आवास, मोर अधिकार” पोर्टल हितग्राहियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है। इसके माध्यम से कोई भी पात्र व्यक्ति अपने आवेदन की स्थिति और पात्रता की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकता है, जिससे योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हुई है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत हितग्राहियों को कुल 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता राशि तीन किश्तों में प्रदान की जाती है। प्रथम किश्त में 40 हजार, द्वितीय किश्त में 55 हजार और तृतीय किश्त में 25 हजार रुपये की राशि दी जाती है। इस योजना का उद्देश्य है कि कोई भी ग्रामीण परिवार बेघर न रहे और प्रत्येक पात्र हितग्राही को सुरक्षित, टिकाऊ और सम्मानजनक आवास प्राप्त हो सके।

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