दिल्ली बम धमाका: तीन डॉक्टर समेत मौलवी को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने लाल किला के पास हुए बस विस्फोट मामले में गिरफ्तार तीन डॉक्टरों और एक मौलवी को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इन सभी आरोपियों को को प्रधान एवं सत्र न्यायाधीश अंजू बजाज चांदना के समक्ष पेश किया गया था, जिन्होंने चारों को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब तक एनआईए ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा भंडाफोड़ किए गए एक ‘सफेदपोश’ आतंकी मॉड्यूल से जुड़े हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एनआईए ने कहा कि एजेंसी आत्मघाती बम विस्फोट के सिलसिले में सुरागों की तलाश कर रही है और इस हमले में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने और उनका पता लगाने के लिए संबंधित पुलिस बलों के साथ समन्वय में कई राज्यों में तलाशी अभियान चला रही है। 10 नवंबर को लाल किले के बाहर विस्फोटकों से लदी कार में विस्फोट हुआ था, जिसे डॉ. उमर चला रहा था। एजेंसी ने इससे पहले इसी मामले में दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इन आरोपियों से पूछताछ जारी है और एनआईए इस पूरे आतंकी मॉड्यूल की गहन जांच कर रही है।
हमले की जांच केंद्र गृह मंत्रालय द्वारा एनआईए को सौंपी गई थी। इसके बाद से एजेंसी कई राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर इस मॉड्यूल से जुड़े हर सदस्य का पता लगाने और उसे न्याय के कठघरे में लाने की दिशा में काम कर रही है। एनआईए का कहना है कि वह इस साजिश की पूरी परतें खोलने और इसके मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए कोशिश कर रही है।

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