फर्जी ई-चालान के नाम पर 5 लाख की साइबर ठगी, APK लिंक बना जाल
बिलासपुर : में फर्जी ई-चालान साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें साइबर ठगों ने स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत एक कर्मचारी के बैंक खाते से 5 लाख 1 हजार 199 रुपये उड़ा लिए। यह घटना सकरी थाना क्षेत्र की है और महज पांच मिनट में पूरी रकम खाते से गायब हो गई।
उसलापुर के आनंद नगर में रहने वाले पीड़ित स्वास्थ्य कर्मी ने बताया कि 3 फरवरी की सुबह करीब 10 बजे उनके व्हाट्सऐप पर एक मैसेज आया। मैसेज भेजने वाले नंबर की डीपी में परिवहन विभाग का आधिकारिक लोगो लगा हुआ था, जिससे संदेश विश्वसनीय लगा। मैसेज में उनकी मोटरसाइकिल का नंबर लिखते हुए बताया गया कि उनका ई-चालान कट गया है। चालान देखने के लिए एक APK फाइल का लिंक भी भेजा गया।
जैसे ही पीड़ित ने लिंक पर क्लिक किया, उनका मोबाइल फोन हैक हो गया। इसके बाद बिना किसी ओटीपी या कोड शेयर किए, यूपीआई के माध्यम से अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर खाते से कुल 5,00,199 रुपये निकाल लिए गए। पूरी प्रक्रिया सिर्फ पांच मिनट में पूरी हो गई।
दरअसल, फर्जी ई-चालान साइबर ठगी के जरिए ठग इन दिनों नया तरीका अपना रहे हैं। पहले वे किसी व्यक्ति का मोबाइल नंबर हैक करते हैं और फिर उसी नंबर से उसके व्हाट्सऐप कॉन्टैक्ट्स या ग्रुप में नकली ई-चालान का APK लिंक भेजते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति उस फाइल को खोलता है, उसका बैंक अकाउंट सीधे निशाने पर आ जाता है।
हाल ही में ऐसा ही एक मामला तब भी सामने आया था, जब यातायात पुलिस का मोबाइल नंबर हैक किया गया। उस नंबर से भेजे गए फर्जी लिंक के कारण करीब एक दर्जन लोग ठगी का शिकार बने थे। साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक या APK फाइल को डाउनलोड न करें, ताकि फर्जी ई-चालान साइबर ठगी से बचा जा सके।

राशिफल 24 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना बनी आर्थिक संबल
बाल श्रम पर जीरो टॉलरेंस, हर मुक्त बच्चे के पुनर्वास पर होगा विशेष फोकस
महिला एशियन चैंपियनशिप की तैयारियों को लेकर मंत्री सारंग नाथुबरखेड़ा अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का किया निरीक्षण
समान नागरिक संहिता को व्यापक जनसमर्थन
माँ चन्द्रहासिनी आरोग्य धाम बनेगा जनसेवा का नया केंद्र : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
धमतरी जिले में 200 एकड़ से बढ़ाकर 600 एकड़ तक औषधीय खेती के विस्तार का लक्ष्य
मध्यप्रदेश पुलिस की साइबर अपराधियों पर लगातार कार्रवाई