पाक एजेंट आरोप पर बोले गौरव गोगोई— मुझे मजबूर किया गया तो चुप नहीं रहूंगा
गुवाहाटी। असम में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा कांग्रेस नेता गौरव गोगोई पर लगाए गए ‘पाकिस्तान कनेक्शन’ के आरोपों पर अब गोगोई ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री के बयान को न सिर्फ अस्वीकार्य बताया, बल्कि इसे राजनीतिक शिष्टाचार की सभी सीमाओं को पार करने वाला करार दिया। उन्होंने कहा कि मुझे मजबूर किया तो फिर मैं चुप नहीं रहूंगा।
दरअसल, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने गौरव गोगोई की वर्ष 2013 की पाकिस्तान यात्रा पर सवाल उठाते हुए कहा था कि उनके वीजा में लाहौर, कराची और इस्लामाबाद जाने की अनुमति थी, जबकि उन्होंने तक्षशिला का दौरा किया, जो पंजाब के रावलपिंडी जिले में स्थित है। मुख्यमंत्री सरमा ने यह भी कहा कि रावलपिंडी एक हाई-सिक्योरिटी क्षेत्र है, जहां पाकिस्तानी सेना का जनरल हेडक्वार्टर (जीएचक्यू) मौजूद है और वहां आम नागरिकों का प्रवेश आसान नहीं होता। ऐसे में यह दौरा किसी संस्थागत व्यवस्था के बिना संभव नहीं हो सकता। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताया।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जिस एसआईटी रिपोर्ट का हवाला दिया था, उसे छह महीने तक दबाकर रखा गया, क्योंकि सरकार उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत पेश करने में असफल रही। गोगोई ने सवाल किया कि यदि यह मामला वास्तव में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा था, तो मुख्यमंत्री इतने समय तक चुप क्यों बैठे रहे। गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि असम में कांग्रेस की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, जब हमने मुख्यमंत्री के परिवार के पास कथित रूप से 12 हजार बीघा जमीन होने का मुद्दा उठाया, तभी से यह पूरा नाटक शुरू हुआ। उन्होंने पाकिस्तान से किसी भी तरह के संबंधों के दावों को सिरे से खारिज किया।
मुख्यमंत्री द्वारा उनकी पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न और पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख के साथ संबंधों के आरोप पर भी गोगोई ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी काम के सिलसिले में पाकिस्तान गई थीं और वह 2013 में 10 दिन की सामान्य यात्रा पर उनके साथ गए थे, जिसमें कुछ भी गुप्त या गैरकानूनी नहीं था। गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री पर उनके नाबालिग बच्चों को राजनीति में घसीटने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लड़ाई नेताओं के बीच होनी चाहिए, बच्चों को इसमें शामिल करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, मुझे ऐसी स्थिति में मजबूर न करें, जहां मुझे जवाब देना पड़े। गोगोई ने यह भी कहा कि यह मामला इतना गंभीर है कि सुप्रीम कोर्ट को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए।

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