ग्वालियर–सागर समेत मप्र में शराब बाजार में हलचल
ग्वालियर। लाइसेंस निरस्तीकरण आदेश के बाद तो ग्रामीण इलाकों में अवैध रूप से सप्लाई बढ़ाने के आदेश सोम कंपनी के मालिकानअपने मैनेजर र,,,,,चौ,,,,,,को दे चुके है “एक के साथ एक फ्री” जैसी स्कीमों पर सवाल मध्य प्रदेश के ग्वालियर और सागर सहित कई जिलों में इन दिनों शराब कारोबार को लेकर असामान्य हलचल देखने को मिल रही है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि हाल में लाइसेंस निरस्तीकरण से जुड़े आदेश के बाद कंपनियां और ठेकेदार अपने बचे हुए स्टॉक को तेजी से खपाने की कोशिश में जुटे हैं। सूत्रों के मुताबिक, सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रूअरीज़ प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा स्टॉक ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ी सप्लाई के जरिए खपाने की कोशिशों से जुड़े कुछ मैनेजर एक जिले से दूसरे जिले तक माल पहुंचाने की व्यवस्थाएं मुहैया करा रहे हैं, जबकि स्थानीय व्यापारी भी लॉजिस्टिक सहयोग दे रहे हैं।
ग्वालियर शहर में भीड़, सड़कों पर खुलेआम सेवन
ग्वालियर शहर में दुकानों पर असामान्य भीड़ देखी जा रही है। कई इलाकों में लोगों के सड़कों और गलियों में बैठकर शराब सेवन करने की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्थिति के कारण कानून-व्यवस्था पर असर पड़ रहा है।
कब सस्ती कब महंगी हो जाए किसी पता नहीं
ओवररेटिंग, मनमानी मूल्य वसूली और अचानक “एक के साथ एक फ्री” जैसी स्कीमों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। कारोबारियों के बीच प्रतिस्पर्धा और स्टॉक क्लियर करने की जल्दबाजी को इसकी वजह बताया जा रहा है।
आबकारी अधिकारी राकेश कुर्मी पर मिलीभगत के आरोप
ग्वालियर में पदस्थ सहायक आबकारी आयुक्त राकेश कुर्मी पर कुछ व्यापारियों के साथ कथित मिलीभगत के आरोप अवैध बिक्री पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है और ग्वालियर की शराब दुकानों के आसपास लगे मुंगफली के ठेले बार बन चुके है Ac राकेश कुर्मी को भोपाल मे फर्जी एफडीआर प्रकरण में जांच के दौरान उन्हें मुख्यालय में अटैच किया गया था, लेकिन पिछले दो वर्षों से वे ग्वालियर में प्रमुख जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
अवैध बिक्री और कानून-व्यवस्था पर असर
स्थानीय लोगों का आरोप है कि गली-मोहल्लों और सड़कों पर अवैध रूप से शराब बेची जा रही है, जिससे शहर का कानून-व्यवस्था तंत्र प्रभावित हो रहा है। पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त कार्रवाई की मांग उठ रही है। मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव भी पूर्व में आबकारी व्यवस्थाओं को लेकर शिकायतें दर्ज करा चुके हैं।

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