एलपीजी संकट के बीच इंडक्शन और स्टोव की बिक्री में उछाल, 24 घंटे में मांग 20 गुना बढ़ी
नई दिल्ली। मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव और गैस आपूर्ति को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच भारत में एलपीजी संकट की आशंका ने उपभोक्ताओं के व्यवहार में बड़ा बदलाव ला दिया है। देश के कई शहरों में एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ने के बाद इंडक्शन स्टोव की मांग में अचानक तेज़ उछाल देखने को मिली है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार क्विक कॉमर्स और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर इंडक्शन कुकटॉप की बिक्री सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ गई है। कुछ प्लेटफॉर्म पर तो स्थिति यह हो गई कि भारी मांग के कारण कई उत्पाद कुछ ही घंटों में आउट ऑफ स्टॉक हो गए। क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट, स्वीगी, इंस्टामार्ट और जेप्टो पर इंडक्शन कुकटॉप पर भारी छूट दी जा रही है। हालांकि तेज़ मांग के चलते इन प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध अधिकांश मॉडल जल्दी ही बिक गए और सीमित स्टॉक ही बचा है।
ई-कॉमर्स कंपनियों के आंकड़े भी मांग में तेज़ वृद्धि की पुष्टि करते हैं। अमेजॉन के अनुसार पिछले 24 घंटों में इंडक्शन कुकटॉप की मांग सामान्य दिनों की तुलना में करीब 20 गुना बढ़ गई है। वहीं फ्लिपकार्ट ने बताया कि पिछले चार-पांच दिनों में बिक्री लगभग तीन गुना बढ़ी है। इसी तरह ऑनलाइन ग्रॉसरी प्लेटफॉर्म बिग बास्केट ने भी बताया कि सोमवार से अब तक इंडक्शन कुकटॉप की बिक्री लगभग पांच गुना तक बढ़ गई है। कंपनी ने इस बढ़ती मांग को देखते हुए अपने मासिक बिक्री अनुमान को तीन गुना तक बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि महानगरों में जहां अधिकतर परिवार एलपीजी सिलेंडर पर निर्भर हैं, वहां गैस की संभावित कमी की आशंका के कारण लोग वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर इंडक्शन स्टोव खरीद रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यदि एलपीजी आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है, तो आने वाले दिनों में इंडक्शन कुकटॉप जैसे वैकल्पिक किचन उपकरणों की मांग और बढ़ सकती है।

'फोन छूने पर बेरहमी से पीटते थे', नौकरी दिलाने के नाम पर युवकों के साथ हुआ खौफनाक खेल
जिस सरकार ने कहा- इस्तीफे नहीं होते, उसी में 12 साल में कई बड़े नेताओं ने छोड़ा पद
दमिश्क हाईवे पर मौत का सफर: बस दुर्घटना में 35 यात्रियों की दर्दनाक मौत
रालोद में अंदरूनी कलह खुलकर आई सामने, 10 पदाधिकारियों ने दिया सामूहिक इस्तीफा
CM शुभेंदु की चेतावनी, 'धोखेबाज भतीजे को कोई नहीं बचा पाएगा', घोटाले पर सियासी वार
एक तरफ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, दूसरी तरफ मायावती का बड़ा राजनीतिक संदेश