मेरठ: रेलवे रोड थाना इलाके की रहने वाली सलोनी अरोड़ा ने अपने पति आशीष पसरीचा, सास उषा पसरीचा, ससुर सोमी पसरीचा और शालू गुप्ता समेत एक अन्य व्यक्ति पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने, मारपीट करने और वियतनाम ले जाकर जान से मारने की कोशिश का गंभीर आरोप लगाया है। एसएसपी अविनाश पांडे के आदेश के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमले सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच में जुट गई है।दिल्ली रोड के देवपुरी की निवासी सलोनी ने बताया कि उसकी शादी 4 जून 2025 को देहली गेट के शक्तिनगर के रहने वाले आशीष पसरीचा के साथ हुई थी। सलोनी का आरोप है कि शादी के महज एक महीने बाद से ही पति और ससुराल वालों ने उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। जब भी उसने इस बर्ताव का विरोध किया, उसके साथ मारपीट की गई।

वियतनाम में जानलेवा हमला और प्रताड़ना की पूरी कहानी

  • घर में गला दबाने की कोशिश: पीड़िता के मुताबिक, 16 अक्टूबर को जब उसके माता-पिता और दादा मामले को सुलझाने और समझौते के लिए ससुराल गए, तो ससुराल वालों ने उनके साथ बदतमीजी की। इसी दौरान सलोनी का गला दबाकर उसे जान से मारने का प्रयास भी किया गया।

  • हनीमून के नाम पर विदेश में टॉर्चर: सलोनी ने आरोप लगाया कि जून 2026 में उसका पति उसे हनीमून के बहाने वियतनाम ले गया। वहां होटल के कमरे में बेल्ट से उसकी बेरहमी से पिटाई की गई, गला घोंटा गया और किसी भारी चीज से हमला किया गया। इसके बाद पति उसे गंभीर हालत में तड़पता हुआ छोड़कर चला गया। होटल के स्टाफ ने किसी तरह उसकी मदद की, जिसके बाद उसे वियतनाम के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।

भारत लौटने पर भी नहीं थमा जुल्म

भारत वापस आने के बाद भी सलोनी को सांस लेने में काफी तकलीफ हो रही थी, जिसके चलते 18 जून को नई दिल्ली के एक अस्पताल में उसका इलाज कराया गया। इसके बाद जब वह वापस अपने ससुराल पहुंची, तो उसका मोबाइल फोन छीनकर उसे एक कमरे में कैद कर दिया गया।सलोनी ने किसी तरह डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस और मायके वालों ने उसे वहां से निकाला। पीड़िता का कहना है कि उसने पहले भी पुलिस में शिकायतें दी थीं, लेकिन तब कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। मामले पर एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने कहा कि मुकदमा द