‘1942: ए लव स्टोरी’ में असुरक्षित महसूस करने लगे थे अनिल कपूर
मुंबई। अपने लंबे फिल्मी करियर में बॉलीवुड अभिनेता अनिल कपूर ने कई यादगार भूमिकाएं निभाई हैं। अनिल कपूर की साल 1994 में रिलीज हुई फिल्म ‘1942: ए लव स्टोरी’ भी उनके करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल है। इस फिल्म को इसकी कहानी, अभिनय और संगीत के लिए काफी पसंद किया गया था। विधु विनोद चोपड़ा के निर्देशन में बनी फिल्म का गीत ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा’ आज भी हिंदी सिनेमा के लोकप्रिय रोमांटिक गीतों में गिना जाता है। हालांकि, इस गीत की शूटिंग के दौरान अनिल कपूर को एक समय यह महसूस होने लगा था कि उनके किरदार को स्क्रीन पर पर्याप्त जगह नहीं दी जा रही है। एक साक्षात्कार में अनिल कपूर ने इस पुराने अनुभव को साझा किया। उन्होंने बताया कि जब गीत की शूटिंग शुरू हुई तो उन्होंने महसूस किया कि निर्देशक और कोरियोग्राफर का पूरा ध्यान मनीषा कोइराला के शॉट्स पर था।गीत में अनिल कपूर का किरदार नरेंद्र अपनी प्रेमिका की खूबसूरती का वर्णन करता है, लेकिन शूटिंग के दौरान उनके हिस्से के दृश्य कम लिए जा रहे थे।
इस वजह से उन्हें धीरे-धीरे असुरक्षा महसूस होने लगी। अनिल कपूर के मुताबिक, उन्होंने इस बात को लेकर फिल्म के निर्देशक विधु विनोद चोपड़ा, सह-निर्देशक संजय लीला भंसाली और कोरियोग्राफर फराह खान से बात की। उन्होंने उनसे कहा कि गीत उनके किरदार की ओर से गाया जा रहा है और वह अपनी प्रेमिका की तारीफ कर रहे हैं, लेकिन उनके शॉट्स बहुत कम लिए जा रहे हैं। अनिल ने बताया कि उन्हें जवाब मिला कि मनीषा कोइराला गीत में बेहद खूबसूरत दिखाई दे रही थीं और चूंकि यह प्रेम कहानी है, इसलिए लड़की की खूबसूरती को पर्दे पर प्रमुखता से दिखाना जरूरी था। अभिनेता ने स्वीकार किया कि उन्हें उस समय ऐसा लग रहा था जैसे उनके साथ मुख्य अभिनेत्री और मनीषा के साथ मुख्य अभिनेता जैसा व्यवहार किया जा रहा हो। हालांकि, बाद में उन्होंने फिल्म के भावनात्मक पक्ष को समझा।
गीत में प्रेमिका की खूबसूरती को नायक की नजर से दिखाया जाना कहानी के लिए जरूरी था और यही वजह थी कि मनीषा के अधिक शॉट्स लिए गए। अनिल कपूर ने यह भी बताया कि शुरुआत में वह ‘1942: ए लव स्टोरी’ करने को लेकर बहुत उत्साहित नहीं थे। उन्हें लगता था कि फिल्म के रोमांटिक किरदार के लिए किसी युवा अभिनेता को लिया जाना चाहिए। उस समय आमिर खान जैसे कलाकारों के नाम पर भी विचार किया गया था। बॉबी देओल का नाम भी चर्चा में था, हालांकि उस समय उन्होंने हिंदी फिल्मों में शुरुआत नहीं की थी।
इसके बावजूद विधु विनोद चोपड़ा और संजय लीला भंसाली को विश्वास था कि नरेंद्र के किरदार को अनिल कपूर ही सही ढंग से निभा सकते हैं। फिल्म के कुछ गीत पहले ही रिकॉर्ड किए जा चुके थे। जब अनिल कपूर ने गीत सुने तो उनका नजरिया बदल गया। उन्हें संगीत और गीत इतने पसंद आए कि उन्होंने तय कर लिया कि इन गीतों पर वही पर्दे पर नजर आएंगे। उन्होंने फिल्म निर्माताओं के विश्वास के लिए उनका आभार भी जताया। ‘1942: ए लव स्टोरी’ में अनिल कपूर और मनीषा कोइराला की जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया।

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