नई दिल्ली। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव यानी जन्माष्टमी के पावन अवसर पर समूची राजधानी दिल्ली पूरी तरह कृष्णमय हो गई है। दिल्ली के सभी प्रमुख मंदिरों को रंग-बिरंगी रोशनी और सुगंधित देशी-विदेशी फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। मंदिरों में भगवान के बाल स्वरूप के महाभिषेक, महाआरती, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ प्रभु की लीलाओं को दर्शाती जीवंत झांकियां तैयार की गई हैं। भारी संख्या में उमड़ने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए मंदिर प्रबंधन और दिल्ली पुलिस ने कड़े सुरक्षा प्रबंध किए हैं।

द्वारका इस्कॉन मंदिर में इस बार 5,600 प्रकार के व्यंजनों का महाभोग और 1,108 किलो का विशेष प्रसाद केक तैयार किया गया है। साथ ही युवा पीढ़ी को आकर्षित करने के लिए एआई, ऑगमेंटेड रियलिटी और 3D तकनीक के जरिए कृष्ण लीलाओं तथा श्रीमद्भगवद्गीता के संदेशों की आधुनिक प्रस्तुति की जा रही है।

इस वर्ष जन्माष्टमी का सबसे भव्य नजारा द्वारका सेक्टर-13 स्थित इस्कॉन के श्री श्री रुक्मिणी द्वारकाधीश मंदिर में देखने को मिल रहा है, जहां दो दिवसीय महामहोत्सव का आयोजन किया गया है। मंदिर में प्रभु को पारंपरिक 56 भोग के अलावा करीब 5,600 प्रकार के देशी-विदेशी पकवानों का महाभोग अर्पित किया जा रहा है। इसके साथ ही दिनभर के वितरण के लिए लगभग 1,108 किलोग्राम का विशाल केक प्रसाद के रूप में तैयार कराया गया है।

ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित इस्कॉन मंदिर में इस बार भगवान के प्रिय मोर की थीम पर संपूर्ण परिसर को सजाया गया है। विग्रहों के परिधान और रत्नजड़ित आभूषण वृंदावन के कुशल कारीगरों ने तैयार किए हैं, जबकि विदेशी आर्किड और बंगलूरू के विशेष फूलों से गर्भगृह को महकाया गया है। वहीं, मंदिर मार्ग स्थित ऐतिहासिक लक्ष्मी नारायण मंदिर (बिड़ला मंदिर), महरौली स्थित छतरपुर मंदिर और झंडेवालान मंदिर में भी दर्शनार्थियों के लिए कतारबद्ध व्यवस्था और विशेष भजन संध्याओं का आयोजन किया गया है।

4 सितंबर सुबह 7 बजे से 5 सितंबर देर रात 1 बजे तक रोहिणी स्थित रामलीला ग्राउंड, जापानी पार्क, मधुबन चौक और भगवान महावीर मार्ग पर भारी ट्रैफिक की संभावना है। वाहन चालक यूईआर-2, केएनके मार्ग, प्रहलादपुर रोड और कराला-कंझावला मार्ग को वैकल्पिक रास्ते के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। जाम से बचने के लिए मेट्रो व सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की सलाह दी गई है।