शर्मिंदगी के बाद महाराष्ट्र सरकार ने सीजेआई को नियमित आधिकारिक अतिथि का दर्जा दिया
मुंबई । महाराष्ट्र सरकार ने भारत के चीफ जस्टिस (सीजेआई) की यात्रा के दौरान राज्य में आधिकारिक शिष्टाचार का पालन तय करने के लिए प्रोटोकॉल गाइडलाइन जारी की हैं। गाइडलाइन के तहत, सीजेआई बी आर गवई को आधिकारिक तौर पर महाराष्ट्र में नियमित आधिकारिक अतिथि का दर्जा दिया है।
दरअसल जस्टिस बीआर गवई 14 को सीजेआई बनने के बाद 18 मई को पहली बार महाराष्ट्र गए थे। हालांकि, मुंबई में उन्हें स्टेट चीफ सेक्रेटरी, डीजीपी या मुंबई पुलिस कमिश्नर में से कोई भी रिसीव करने नहीं आए थे, जिसपर सीजेआई गवई ने नाराजगी जाहिर की थी। घटना के बाद महाराष्ट्र सरकार को काफी शर्मिंदगी उठानी पड़ी थी। इसके बाद राज्य के कैबिनेट मंत्री और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि उन्होंने प्रोटोकॉल में चूक के लिए राज्य सरकार की ओर से सीजेआई गवई से फोन पर माफी मांगी है।
महाराष्ट्र स्टेट गेस्ट रूल्स, 2004 के अनुसार, स्टेट गेस्ट के तौर पर नामित या माने जाने वाले किसी पदाधिकारी को राज्य प्रोटोकॉल सब-डिवीजन की ओर से एयरपोर्ट पर स्वागत और विदाई की व्यवस्था की जाती है। जिलों में कलेक्टर ऑफिस नामित प्रोटोकॉल अधिकारियों को रिसीव करने या छोड़ने की व्यवस्था करता है।
अब महाराष्ट्र में परमानेंट स्टेट गेस्ट के तौर पर नामित होने के बाद सीजेआई सभी प्रोटोकॉल-संबंधी सुविधाओं के हकदार है। उन्हें राज्य के किसी भी हिस्से में अपनी यात्रा के दौरान आवास, गाड़ी की व्यवस्था और सुरक्षा दी जाएगी।
चीफ जस्टिस के मुंबई दौरे के दौरान चीफ सेक्रेटरी या उनके सीनियर प्रतिनिधि, डीजीपी या सीनियर प्रतिनिधि उनका स्वागत करने आएंगे। किसी जिले के दौरे पर वहां के जिला कलेक्टर और पुलिस कमिश्नर या एसपी या उनके सीनियर अफसरों को सीजेआई का स्वागत करने का आदेश है।

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