कालीगंज उपचुनाव में BJP को मिला सबसे ज्यादा हिंदू वोट
पश्चिम बंगाल के कालिगंज विधानसभा उपचुनाव में हार के बावजूद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दावा किया कि उसे इस सीट पर अब तक का सबसे जय हिंदू वोट मिला है। पार्टी ने इसे राज्य में बढ़ती ‘हिंदुत्व की चेतना’ और मुर्शिदाबाद दंगों के खिलाफ जनविरोध का नतीजा बताया है। भाजपा के प्रदेश सह-प्रभारी अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस बयान को खारिज, जिसमें ममता ने कहा था कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को हर धर्म और जाति के लोगों का समर्थन' मिला।
मालवीय ने लिखा, हकीकत ये है कि ममता बनर्जी की टीएमसी केवल मुस्लिम वोट बैंक, बांग्लादेशी घुसपैठियों और कट्टरपंथी तत्वों पर ही टिकी है। जैसे बंगाल के हिंदुओं ने वामपंथ को छोड़ा, वैसे ही अब उन्होंने ममता को भी छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि टीएमसी सुप्रीमो एक और झूठ बोल रही हैं। मालवीय ने कहा कि अगले साल राज्य में केवल चुनाव उपचुनाव नहीं, बल्कि एक पूर्ण क्रांति होगी।
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उन्होंने 2021, 2024 और 2024 के उपचुनाव के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि कालीगंज में हिंदू मतदाता 43 फीसदी हैं और बाकी मुस्लिम हैं। उन्होंने कि भाजपा को हिंदू वोटों का हिस्सा 2021 में 70 फीसदी, 2024 लोकसभा में 72 फीसदी और अब 74 फीसदी से ज्यादा मिला है।
मालवीय ने आरोप लगाया कि टीएमसी की जीत के बाद हुए जश्न के दौरान बम फेंके गए, जिसमें एक बच्ची की मौत हो गई। उन्होंने कहा, यह ममता बनर्जी की हिंसक, वोट बैंक की राजनीति से प्रेरित राजनीति की खून की कीमत है। पश्चिम बंगाल में कोई कानून-व्यवस्था नहीं बची है। उन्होंने यह भी कहा कि ममता बनर्जी राज्य की गृह मंत्री भी हैं, लेकिन एक प्रशासक के रूप में वह बुरी तरह विफल रही हैं।
भाजपा के आईटी विभाग के प्रमुख मालवीय ने यह भी दावा किया कि ममता बनर्जी कट्टरपंथ की राजनीति को हवा देती हैं, ताकि मुसलमानों का वोट बैंक बना रहे और इसकी कीमत मासूम बच्चों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है। यह एक आपराधिक लापरवाही है।
मालवीय ने भाजपा के चार विधायकों को विधानसभा से निलंबित किए जाने पर आरोप लगाया कि राज्य में एक अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति है। उन्होंने कहा, यह शासन नहीं, यह घबराहट में तानाशाही वाला कदम उठाया गया है। ममता बनर्जी बतौर मुख्यमंत्री अपने आखिरी दौर में हैं और उनकी पार्टी की तानाशाही दिखाती है कि वह अपनी जमीन खोने को लेकर कितने डरे हुए हैं।
इस उपचुनाव में टीएमसी उम्मीदवार अलीफा अहमद ने भाजपा के उम्मीदवार आशीष घोष को 50,049 वोटों से हराया। यह अंतर उनके पिता नसीरुद्दीन अहमद की 2021 की जीत से भी ज्यादा था। नसीरुद्दीन की फरवरी में मृत्यु हो गई थी, जिसके कारण यह उपचुनाव हुआ। जीत के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, इस क्षेत्र के हर धर्म, जाति और वर्ग के लोगों ने वोट डालकर हमें आशीर्वाद दिया। मैं सभी की आभारी हूं। इस जीत के असली शिल्पकार ‘माँ, माटी, मानुष’ हैं।

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