डीपी विप्र कॉलेज की स्वायत्तता पर विवाद, हाईकोर्ट ने कुलपति और कुलसचिव को भेजा नोटिस
बिलासपुर: डीपी विप्र स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय की स्वायत्तता को लेकर जारी विवाद ने एक नया कानूनी मोड़ ले लिया। कॉलेज प्रबंधन द्वारा उच्च न्यायालय में न्यायालय की अवमानना याचिका दायर किए जाने के बाद, अदालत ने कुलपति ए.डी.एन. वाजपेयी सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। न्यायालय ने सभी पक्षों से दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है।
डीपी विप्र कॉलेज के ऑटोनॉमस समिति के अध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि महाविद्यालय ने अपनी स्वायत्तता को लेकर पहले सिंगल बेंच और फिर डबल बेंच में विश्वविद्यालय के निर्णय को चुनौती दी थी, जिसमें अदालत ने महाविद्यालय के पक्ष में निर्णय दिया था। इसके बावजूद कुलपति द्वारा अदालत के आदेशों की अवहेलना की जा रही थी। महाविद्यालय प्रबंधन ने इसे न्यायालय की गंभीर अवमानना मानते हुए हाईकोर्ट में आवेदन दायर किया।
सभी पक्षों से दो सप्ताह में मांगा जवाब
अध्यक्ष अग्रवाल ने बताया कि महाविद्यालय की ओर से दायर याचिका में कुलपति ही नहीं, कुलसचिव एवं कार्यपरिषद के सभी सदस्यों को भी इस कथित अवमानना का सहभागी और दोषी बताते हुए पार्टी बनाया गया है। याचिका में अदालत से अनुरोध किया गया है कि वह इन सभी के विरुद्ध अवमानना का दोष सिद्ध कर उचित दंड दे। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने प्रथमदृष्ट्या आदेशों की अवहेलना का संज्ञान लेते हुए याचिका को स्वीकार कर समस्त पक्षों को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब मांगा है।

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