ऐतिहासिक क्षण: भारत की GDP ने जापान को पीछे छोड़ा, आनंद महिंद्रा ने कहा - "सिर्फ रैंकिंग से संतुष्ट नहीं"
भारत ने वैश्विक आर्थिक मंच पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए जापान को पीछे छोड़ दिया है. अब भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के आंकड़ों के मुताबिक, भारत की नाममात्र GDP अब 4.19 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई है. इस बड़ी घोषणा की पुष्टि नीति आयोग के CEO बीवीआर सुब्रमण्यम ने नीति आयोग की 10वीं गवर्निंग काउंसिल मीटिंग में की.
आनंद महिंद्रा ने जताया गर्व और सावधानी
देश के जाने-माने उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर लिखा, “जब मैं बिजनेस स्कूल में था, तब भारत का जापान से आगे निकलना सिर्फ एक साहसी सपना लगता था. आज यह सपना हकीकत बन चुका है.” उन्होंने आगे कहा कि जापान लंबे समय से एक आर्थिक महाशक्ति रहा है जिसकी मजबूती की दुनिया मिसाल देती है. ऐसे देश को पीछे छोड़ना भारत की प्रतिभा, मेहनत और संकल्प का प्रमाण है जो कई पीढ़ियों, क्षेत्रों और हिस्सों से निकला है.
हालांकि महिंद्रा ने इस उपलब्धि को अगली चुनौती की शुरुआत बताया. उन्होंने कहा, “अब हमें प्रति व्यक्ति आय के मामले में भी आगे बढ़ना होगा. सिर्फ रैंकिंग से संतुष्ट नहीं रह सकते. शासन, बुनियादी ढांचा, निर्माण, शिक्षा और पूंजी तक पहुंच, इन सभी क्षेत्रों में लगातार सुधार की जरूरत है.”
भारत की आर्थिक सफलता की कहानी
भारत की इस आर्थिक छलांग की जड़ें 1991 के आर्थिक सुधारों से शुरू होती हैं. जब देश को बैलेंस पेमेंट के संकट का सामना करना पड़ा था. उस वक्त के तत्कालीन वित्त मंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व में बाजार को खोलने, लाइसेंस राज को खत्म करने और विदेशी निवेश को आकर्षित करने जैसे कई बड़े कदम उठाए गए. हाल के सालों में GST ने पूरे देश में इनडायरेक्ट टैक्स रिजीम को एक किया.
‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे अभियानों ने डोमेस्टिक प्रोडक्शन को बढ़ावा दिया और विदेशी कंपनियों को भारत में निवेश के लिए आकर्षित किया. इसके अलावा, डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने और इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) लागू करने से भारत में बिजनेस करना पहले से आसान हो गया है, जिससे निवेशकों का भरोसा भी मजबूत हुआ है.

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