दिल्ली ब्लास्ट जांच में चौंकाने वाला मोड़ , शू में छुपा विस्फोटक पाया गया
नई दिल्ली | दिल्ली धमाके की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है। वैसे-वैसे नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अब एक और बात सामने आई है। जांच में खुलासा हुआ है कि दिल्ली ब्लास्ट को अंजाम देने वाले आतंकी डॉक्टर उमर नबी ने जूतों के जरिए बम को एक्टिवेट किया था।
आई-20 कार के अदंर मिले जूते
जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े फिदायीन हमलावर डॉक्टर उमर नबी ने 'शू बम' की तरह काम किया है। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी को घटनास्थल से ऐसे फोरेंसिक और भौतिक साक्ष्य मिले हैं, जिससे साबित होता है कि उमर ने शू बम का इस्तेमाल किया है। दरअसल, जांच एजेंसी को धमाके वाली आई-20 कार के अदंर से जूते मिले हैं।
जूते में छुपी थी धातु जैसी चीज
दरअसल, जांच टीम को कार के दाहिने अगले टायर के पास ड्राइवर की सीट के नीचे से जूता मिला। जूते के अंदर एक धातु जैसा पदार्थ है। अब तक की जांच के आधार पर माना जा रहा है कि विस्फोट को सक्रिय करने के लिए इसी का इस्तेमाल किया गया था। टायर और जूते दोनों पर संवेदनशील विस्फोटक टीएटीपी के निशान मिल हैं, जिससे यह संभावना और बड़ गई है कि उमर ने विस्फोट करने के लिए अपने जूते में कोई मैकेनिज्म छिपा रखा था।
फरीदाबाद मॉड्यूल के तहत धमाका!
बता दें कि 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास भीषण धमाका हुआ था। इस धमाके में 13 लोगों की जान चली गई और 20 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। वैसे तो इस हमले को डॉक्टर उमर नबी ने अंजाम दिया था, लेकिन इस हमले के पीछे एक पूरा आतंकी गिरोह था, जिसे फरीदाबाद मॉडल नाम दिया गया। इस आतंकी मॉड्यूल में काम करने वाले एक दर्जन डॉक्टरों की अब तक गिरफ्तारी हो चुकी है।

एमपी में 1 अप्रैल से वेतन बढ़ोतरी, महंगाई सूचकांक के आधार पर जारी हुआ आदेश
ईरान का अमेरिकी कंपनियों पर निशाना: प्रेशर पॉलिटिक्स या बदले की रणनीति?
जिंदा महिला को कागजों में मृत बताया, पौने दो बीघा जमीन हड़पने का आरोप; कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए
वैश्विक संकट के बीच राहत, भारत के पास 40 दिनों का ईंधन भंडार सुरक्षित
हाईकोर्ट ने दी जानकारी: 60 में से 47 लाख आपत्तियों का निपटारा, 7 अप्रैल तक सभी मामलों पर फैसला संभव