धड़क 2 ट्रेलर लॉन्च: सिद्धांत चतुर्वेदी के इमोशनल अवतार ने सबका ध्यान खींचा
मुंबई, 11 जुलाई 2025: धड़क 2 का ट्रेलर रिलीज हो गया है, और इसमें पूरी तरह से सिद्धांत चतुर्वेदी का दबदबा है। यह अब तक की उनकी सबसे इमोशनल परफॉर्मेंस मानी जा रही है, जिसमें वह प्यार और विरासत के बीच उलझे नीलेश के किरदार को एक अनोखे दर्द और गहराई के साथ जीवंत करते हैं। इस फिल्म में इंटेंसिटी, नर्मी और टूटे हुए दिल की एक खामोश चीख है — और सिद्धांत सिर्फ नीलेश का किरदार नहीं निभाते, वो उसे जीते हैं। उनकी आँखों में छुपा दर्द, आवाज़ में ठहराव और चेहरे पर जमी चुप्पी, एक ऐसा किरदार बनाती है जो आपके दिल तक उतर जाता है। सिद्धांत का अभिनय इस किरदार में सिर्फ एक्सप्रेशन तक सीमित नहीं है, बल्कि वह पूरी तरह से उसमें डूबे हुए नज़र आते हैं। हर एक नज़र, हर एक सांस, जैसे उन्होंने उस किरदार की पीड़ा को महसूस किया हो। ट्रेलर यह दिखाता है कि सिद्धांत ने शूटिंग के दौरान खुद को अलग-थलग रखा, नीलेश की तन्हाई को समझा और हर सीन के बाद उस इमोशनल बोझ को अपने साथ घर तक ले गए।
ट्रेलर में उनका हर सीन, हर फ्रेम, दर्शकों को नीलेश की कहानी में खींच लेता है — एक ऐसी कहानी, जो प्यार से शुरू होकर विद्रोह, दर्द और गहरे आत्मसंघर्ष से होकर गुजरती है। बिना किसी ओवरड्रामा के, वह इमोशन को बेहद रियल अंदाज़ में पेश करते हैं। वहीं, उनके अपोजिट त्रिप्ति डिमरी अपने किरदार में एक खामोश ताकत और गहराई लेकर आती हैं। सिद्धांत और त्रिप्ति की केमिस्ट्री ट्रेलर में उतनी ही सशक्त लगती है — कहीं नर्म तो कहीं तूफानी। उनके बीच की टेंशन और समझदारी इस कहानी को सिर्फ एक लव स्टोरी से कहीं आगे ले जाती है।

बागेश्वर धाम में सजा विवाह मंडप, धीरेंद्र शास्त्री ने मोहन यादव को लगाई परंपरा की हल्दी
चाकसू में NH-52 पर भीषण हादसा: ट्रेलर में घुसी कार, एमपी के 5 श्रद्धालुओं की मौत
नरेंद्र मोदी ने पुलवामा शहीदों को दी श्रद्धांजलि, बोले– उनका साहस हर भारतीय को करता है प्रेरित
छत्तीसगढ़ के राशन कार्डधारकों के लिए खुशखबरी… इस दिन से मिलेगा एक साथ 2 महीने का चावल
पहाड़ से जंगल तक पक्के घर: छिंदवाड़ा प्रधानमंत्री की गुड लिस्ट में टॉप
बाबा महाकाल के दर्शन होंगे आसान, भोपाल-उज्जैन के बीच चलेंगी 3 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें, जानिए रूट और शेड्यूल
सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव से असंगठित ज्वैलर्स की बिक्री में गिरावट, जानें क्या है वजह
बेरहम बाजार: क्या एआई निगल जाएगा भारत की आईटी कंपनियों का भविष्य? 4.5 लाख करोड़ रुपये हवा हुए, अब आगे क्या?