डॉक्टर की गैरमौजूदगी में चल रहे पांच अल्ट्रासाउंड सेंटर सील
नोएडा| जिले में मानकों को नजरअंदाज कर चल रहे अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर कार्रवाई की गई है। गुप्त सूचना और औचक निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चार संदिग्ध अल्ट्रासाउंड सेंटर और एक निजी सेंटर की अल्ट्रासाउंड मशीन को सील किया है। डिप्टी सीएमओ डॉ. चंदन सोनी ने बताया कि अक्तूबर में सेक्टर 37 स्थित भारत स्कैनिंग सेंटर पर भ्रूण लिंग परीक्षण की गुप्त सूचना मिली थी। विभाग की टीम के निरीक्षण के बाद सेंटर को सील किया। एफआईआर भी हुई। इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर अन्य सेंटरों की जांच जारी रही। पिछले एक महीने में पांच ऐसे सेंटर मिले जहां पर मानकों का उल्लंघन हो रहा था। डॉक्टर की गैरमौजूदगी में अल्ट्रासाउंड सेंटर खुले थे। जरूरी दस्तावेज और सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे थे। प्रसव पूर्ण प्रसव निदान लिंग चयन प्रतिरोध अधिनियम 1994 के तहत कार्रवाई की गई है।
इन पर हुई कार्रवाई
डिप्टी सीएमओ ने बताया कि छिजारसी स्थित लाइफ केयर अल्ट्रासाउंड सेंटर और हाईटेक डायग्नोस्टिक सेंटर, बिसरख स्थित नवजीवन डायग्नोस्टिक सेंटर, कासना स्थित हर्ष अल्ट्रासाउंड सेंटर और दनकौर का कृष्णा हॉस्पिटल की जांच की गई। चार सेंटर सील किए गए। कृष्णा हॉस्पिटल की अल्ट्रासाउंड मशीन सील की गई। दस्तावेज सही मिलने पर हाईटेक डायग्नोस्टिक सेंटर व बिसरख स्थित नवजीवन डायग्नोस्टिक सेंटर खुल गया। मिलती है प्रोत्साहन राशि : डॉ. चंदन सोनी ने बताया कि भ्रूण लिंग परीक्षण की सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाती है। मामला सही पाया जाने पर पर 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इसमें 60 हजार रुपये मुखबिर को मिलते हैं जो सूचना देता है।

गणेश उत्सव का आगाज, इंदौर के मिट्टी वाले बप्पा से लेकर लालबाग के राजा तक उमड़ा सैलाब
चोरी के 2 मामलों में उज्जैन पुलिस का बड़ा एक्शन, सोने के हार समेत वाहन बरामद
मोहम्मद नबील को लेकर चौंकाने वाले खुलासे, मदरसे में रहता था सबसे अलग-थलग
ब्रिक्स घोषणापत्र पर सहमति के बाद राजनाथ सिंह का बड़ा बयान, भारत के नेतृत्व की सराहना
रतलाम में तेंदुए की मौत से सनसनी, ग्रामीणों के पीछे दौड़ने का वीडियो वायरल; पैरों में बंधी थी रस्सी
22 सितंबर का महाबंद स्थगित, बस किराया बढ़ाने पर सरकार और ऑपरेटरों में सहमति
55 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बदलेगा दिल्ली का ट्रैफिक सिस्टम, छह फेज में होगा निर्माण