दुष्कर्म पीड़िता को 10 हफ्ते के गर्भ को समाप्त करने की हाईकोर्ट ने दी अनुमति
ग्वालियर|मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंड पीठ ने रेप पीड़िता को गर्भपात करवाने की परमिशन दे दी है. 18 साल की रेप पीड़िता के परिवार वालों ने बताया था कि वे बच्चे का पालन-पोषण करने के लिए आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं. साथ ही समाजिक दबाव के कारण कारण पीड़िता मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रही है. जिसके कारण गर्भपात करवाने की अनुमति दी जाए. पीड़ित परिवार की अपील सुनने के बाद ग्वालियर खंडपीठ ने 10 हफ्ते के गर्भ को समाप्त करने की परमिशन दे दी है. ये पूरी प्रक्रिया शुक्रवार को ही मेडिकल बोर्ड की निगरानी में की जाएगी|
युवती को घर ले जाकर किया था दुष्कर्म
पीड़िता के मुताबिक आरोपी 11 जनवरी 2026 को उसे घर से उठा ले गए थे. इसके बाद आरोपियों ने युवती के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था. दुष्कर्म के कारण युवती प्रेग्नेंट हो गई. परिवार और समाज के डर से युवती ने शुरू में किसी को नहीं बताया लेकिन गर्भवती होने के बाद जब परिवार ने युवती से जब पूछा तो उसने पूरी घटना के बारे में घरवालों को बताया. परिवार वालों के मुताबिक युवती अभी 18 साल की है और मां बनने के आर्थिक और मानसिक रूप से तैयार नहीं है|
पीड़िता को राहत देते हुए कोर्ट ने मंजूरी दी
पीड़िता के आवेदन पर कोर्ट ने कमलाराजा और जीआर मेडिकल कॉलेज के मेडिकल बोर्ड से रिपोर्ट मांगी थी. रिपोर्ट में ये बात सामने आई कि पीड़िता को 10 हफ्ते से ज्यादा का गर्भ है. जिसके बाद कोर्ट ने पीड़िता की उम्र और आर्थिक स्थिति देखते हुए गर्भपात को मंजूरी दे दी. साथ ही कोर्ट ने आश्वासन दिया है कि गर्भपात को सुरक्षित तरीके से करवाया जाएगा|

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