Kerala CM के नाम का ऐलान आज, कांग्रेस में तेज हुई हलचल
नई दिल्ली / तिरुवनंतपुरम: केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ (UDF) की शानदार जीत के 10 दिन बाद भी मुख्यमंत्री के नाम पर सस्पेंस बरकरार है। हालांकि, दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान की मैराथन बैठकों के बाद अब फैसले की घड़ी करीब आ गई है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने संकेत दिया है कि गुरुवार (14 मई 2026) को केरल के अगले मुख्यमंत्री के नाम की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी। बुधवार देर शाम राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच हुई करीब 40 मिनट की महत्वपूर्ण बैठक के बाद यह स्पष्ट किया गया कि सभी आंतरिक विचार-विमर्श पूरे हो चुके हैं और अब केवल अंतिम मुहर लगना बाकी है।
वेणुगोपाल और सतीशन के बीच कांटे की टक्कर
मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए कांग्रेस के भीतर दो प्रमुख गुटों के बीच खींचतान चरम पर है। एक तरफ कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल हैं, जिन्हें आलाकमान और विशेषकर राहुल गांधी का करीबी माना जाता है। बताया जा रहा है कि नव-निर्वाचित 63 विधायकों में से बहुमत वेणुगोपाल के पक्ष में है। दूसरी ओर, निवर्तमान नेता प्रतिपक्ष वीडी सतीशन हैं, जिनकी छवि एक जुझारू नेता की है और उन्हें राज्य के आम कार्यकर्ताओं के साथ-साथ मुस्लिम लीग (IUML) जैसे सहयोगी दलों का भी मजबूत समर्थन हासिल है। इस रेस में वरिष्ठ नेता रमेश चेन्नीथला भी अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं, जिससे मामला और अधिक पेचीदा हो गया है।
वायनाड में पोस्टर वार और प्रियंका गांधी को चेतावनी
केरल में नेतृत्व चयन के इस विवाद ने अब एक गंभीर मोड़ ले लिया है। वायनाड में कांग्रेस कार्यालयों के पास राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को निशाना बनाते हुए धमकी भरे पोस्टर देखे गए हैं। इन पोस्टरों में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि केसी वेणुगोपाल (जिन्हें 'बाहरी' बताया जा रहा है) को मुख्यमंत्री बनाया गया, तो कांग्रेस को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। कुछ पोस्टरों में तो यहां तक लिखा गया है कि "प्रियंका गांधी अगली बार वायनाड से चुनाव नहीं जीत पाएंगी।" इस तरह के विरोध प्रदर्शनों ने आलाकमान की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि वायनाड राहुल और प्रियंका दोनों के लिए राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील क्षेत्र है।
पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट और दिल्ली में 'महामंथन'
मुख्यमंत्री के चयन के लिए अजय माकन और मुकुल वासनिक जैसे वरिष्ठ नेताओं ने केरल जाकर विधायकों की व्यक्तिगत राय ली थी। जब स्थानीय स्तर पर कोई सर्वसम्मत नाम सामने नहीं आया, तो दिल्ली में बैठकों का दौर शुरू हुआ। मंगलवार और बुधवार को केरल के पूर्व प्रदेश अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं—वीएम सुधीरन, के सुधाकरण और एमएम हसन को विशेष रूप से दिल्ली बुलाया गया। सूत्रों की मानें तो प्रियंका गांधी वीडी सतीशन के पक्ष में हैं, जबकि राहुल गांधी वेणुगोपाल पर भरोसा जता रहे हैं। अब सबकी नजरें थिरुवनंतपुरम में होने वाली विधायक दल की बैठक पर टिकी हैं, जहां दिल्ली से भेजा गया 'सीलबंद लिफाफा' खोला जाएगा।

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