ऑपरेशन सिंदूर: भारतीय सेना ने पाक आतंकी ठिकानों को किया तबाह
पहलगाम हमले के बाद यह दूसरा मौका है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक समुदाय को संदेश दिया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई का नेतृत्व करेगा। एक तरह से वैश्विक व्यवस्था में हो रहे बदलावों के मद्देनजर भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहा है और यह आवाज पाकिस्तान द्वारा समर्थित और पोषित आतंकवाद के खिलाफ है। 24 अप्रैल, 2025 को मधुबनी (बिहार) में एक कार्यक्रम में अंग्रेजी में दिए गए अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "आज बिहार की धरती से मैं पूरी दुनिया से कहता हूं, भारत हर आतंकवादी और उसके आकाओं की पहचान करेगा, उन्हें ढूंढेगा और उन्हें सजा देगा। हम उन्हें धरती के किसी भी कोने में खदेड़ देंगे।"
'अगर पाकिस्तान से बातचीत होगी तो आतंकवाद पर होगी'
12 मई को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को नष्ट करने का श्रेय भारतीय सेना को दिया और यह भी घोषणा की कि, "मैं विश्व समुदाय को बताना चाहूंगा कि अगर पाकिस्तान से बातचीत होगी तो आतंकवाद पर ही होगी।" पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में दुनिया को याद दिलाया कि, "बहावलपुर और मुरीदके जैसे आतंकी अड्डे एक तरह से वैश्विक आतंकवाद के विश्वविद्यालय रहे हैं। अमेरिका में 9 सितंबर की घटना, लंदन मेट्रो में विस्फोट या भारत में दशकों से हो रहे बड़े आतंकी हमलों के तार कहीं न कहीं इन आतंकी ठिकानों से जुड़े हैं।" राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में देश की क्षमता और धैर्य को हम सभी ने देखा है। मैं सशस्त्र बलों, सेना, खुफिया एजेंसी और वैज्ञानिकों को सलाम करता हूं। राष्ट्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने आगे कहा, "जब भारतीय मिसाइलों और ड्रोन ने पाकिस्तान के उन ठिकानों पर हमला किया, तो न केवल आतंकी संगठनों की इमारतें हिल गईं, बल्कि उनका मनोबल भी डगमगा गया। बहावलपुर और मुरीदके जैसे आतंकी अड्डे वैश्विक आतंकवाद के विश्वविद्यालय थे। दुनिया में हुए सभी बड़े आतंकी हमले, चाहे वह 9/11 हो या भारत में बड़े आतंकी हमले, किसी न किसी तरह इन आतंकी ठिकानों से जुड़े हैं।"
भारत लगातार पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद से जूझ रहा है
विशेषज्ञों का मानना है कि अभी वैश्विक आतंकवाद भारत के लिए ही प्राथमिकता है। अमेरिका वैश्विक व्यापार में अपना दबदबा कायम करने की कोशिश कर रहा है। पश्चिमी देश रूस से निपटने के तरीके खोजने में लगे हैं। चीन अपने विकास की गति को बनाए रखते हुए वैश्विक प्रभुत्व बढ़ाने में लगा हुआ है। ऐसे में वैश्विक आतंकवाद अन्य प्रमुख शक्तियों के लिए कोई बड़ा मुद्दा नहीं है। जबकि भारत लगातार पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद से जूझ रहा है। भारत सरकार को लगता है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद विकसित भारत की राह में बड़ी बाधा बनने की क्षमता रखता है। यह सोच और इसे लेकर भारत की स्पष्ट नीति पीएम मोदी के राष्ट्रीय संबोधन में भी दिखाई देती है।
आपको बता दें कि डीजीएमओ की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि किस तरह सेना ने पाकिस्तान के नापाक इरादों का सामना किया और उसे सबक सिखाया। प्रेस ब्रीफिंग में डीजी एयर ऑपरेशन एयर मार्शल ए.के. भारती ने कहा कि हमारी लड़ाई आतंकवादियों के खिलाफ है। और यह लड़ाई पाकिस्तानी सेना से नहीं, बल्कि उनके आकाओं से है।

अवैध पटाखा फैक्ट्री में धमाके से 10 की मौत, गुजरात में मचा हड़कंप
'सिर्फ गुस्सा नहीं, ठोस कदम जरूरी', शिक्षा मंत्री ने राहुल पर साधा निशाना
निशातपुरा स्टेशन तैयार, 26 जुलाई से तीन ट्रेनों के साथ शुरू होगी नई यात्रा
CJP हिंसा पर सख्त कार्रवाई, उपद्रवियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने दर्ज की नौ FIR
मध्य प्रदेश में जीवनरक्षक कानून लागू, शहर-गांव के लिए तय हुई गोल्डन टाइम सीमा
48 घंटे में बदला छात्र आंदोलन का पूरा घटनाक्रम, CJP प्रदर्शन बना सियासी मुद्दा
27 जुलाई तक दिल्ली में बारिश का दौर जारी रहने के आसार
इंदौर में छात्रों का उग्र प्रदर्शन, टंट्याभील चौराहे पर NEET पेपर लीक के खिलाफ जुटी भीड़