दिल्ली में फीस रेगुलेशन बिल पर सियासी घमासान: 'आप' ने जनता से मांगी राय, आतिशी ने अभिभावकों संग की शुरुआत
आम आदमी पार्टी ने प्राइवेट स्कूल फीस रेगुलेशन बिल को लेकर जनता से रायशुमारी तेज कर दी है. बुधवार को आप नेता आतिशी ने दिल्ली विधानसभा में निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के पैरेंट्स से मुलाकात कर उनसे सुझाव लिया. इस दौरान पैरेंट्स ने कहा कि भाजपा सरकार ने बिल लाने से पहले हमसे कोई फीड बैक नहीं लिया. बिल के नाम पर हमें सिर्फ लॉलीपॉप दिया गया है.
आतिशी ने कहा कि पैरेंट्स को चिंता है कि चोर-दरवाजे से भाजपा सरकार एक ऐसा कानून ला रही है जो उनके हित में नहीं है, बल्कि निजी स्कूलों को बचाने के लिए है. लेकिन 'आप' इन पेरेंट्स की आवाज बनेगी. फीस कानून कैसा होना चाहिए, उसमें क्या प्रावधान हों, कैसे निजी स्कूलों पर लगाम लगाई जाए. इस पर अभिभावकों के साथ लंबी चर्चा हुई.
लगाए ये आरोप
विधानसभा में मुलाकात के दौरान आतिशी ने अभिभावकों की हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि स्कूलों की मनमानी नहीं चलने देंगे. इस मामले को हम विधानसभा में भी उठाएंगे. यह सब भाजपा की मिलीभगत से किया जा रहा है. निजी स्कूलों से जुड़े लोग चुनाव प्रचार में भाजपा के साथ थे. बिना पॉलिटिकल बैकिंग के स्कूलों में इतनी हिम्मत नहीं आ सकती. आम आदमी पार्टी जब सरकार में थी तब हमने फीस बढ़ने नहीं दी थी. ये सब देश की राजधानी में हो रहा है, इसमें स्थानीय प्रशासन की भी सांठगांठ है.
विधानसभा में उठाएंगे मुद्दा
डीपीएस द्वारका में अपने बच्चे को पढ़ाने वाले अभिभावक महेश मिश्रा ने बताया कि स्कूलों ने मनमाने तरीके से स्कूल के फीस बढ़ा दी. जब हमने इसका विरोध किया तो हमारे बच्चों को लाइब्रेरी में कैद किया गया. इसपर नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि स्कूल शिक्षा के मंदिर है. इसे व्यापार का केंद्र नहीं बनने देंगे. स्कूल के फीस बढ़ाने के खिलाफ हम पूरी तरह से अभिभावकों के साथ खड़े हैं. मामले को हम दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र में उठाएंगे.
सार्वजनिक किया जाए ड्राफ्ट
उनके अलावा अभिभावक उमंग शर्मा ने आतिशी को बताया कि लगातार निजी स्कूल हमें परेशान कर रहे हैं. प्रिंसिपल हमें मिलने का समय नहीं देते हैं. हमें फीस रेगुलेशन बिल लाने का लॉलीपॉप दिया गया है, लेकिन उस बिल को सार्वजनिक नहीं किया गया है, हमसे कोई फीडबैक नहीं लिया गया है. इसपर आतिशी ने कहा कि हम अभिभावकों के साथ हर कदम पर खड़े हैं. शिक्षा बिल को सार्वजनिक किया जाए. भाजपा सरकार जनता से बिना रायशुमारी किए ही सीधे बिल को लागू करना चाहती है, लेकिन हम ऐसा होने नहीं देंगे. आखिर फी रेगुलेशन बिल का ड्राफ्ट छुपाया क्यों जा रहा है? हम मांग करेंगे कि फीस रेगुलेशन बिल को टेबल करके सलेक्ट कमिटी में भेजा जाए और सरकार नए बिल में सभी स्कूलों की सीएजी ऑडिट मेंडेटरी करे.

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