स्वामी चैतन्यानंद लड़कियों की प्रोफाइल खोजकर करता था कमेंट्स
नई दिल्ली। स्वामी चैतन्यानंद मामले में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं अब जानकारी मिली है कि बाबा अपने सोशल मीडिया अकाउंट से लड़कियों के फोटो पर कमेंट करता था। पुलिस को उनके डिजिटल उपकरणों से ऐसे चैट मिले हैं जिनमें छात्राओं से अश्लील बातचीत, निजी तस्वीरें मांगना और आपत्तिजनक संदेश शामिल हैं। एक चैट में तो दुबई के एक शख्स के लिए लड़की की व्यवस्था करने की चर्चा तक दर्ज मिली है।
स्वामी लड़कियों के प्रोफाइल को खोज-खोजकर स्क्रॉल करता था। भगवा वस्त्र धारणकर और आस्था का चोला ओढ़े इस स्वामी चैतन्यानंद का असली चेहरा अब सामने आ चुका है। कैमरे, ब्लैकमेलिंग और छात्राओं के यौन शोषण में उसकी गहरी संलिप्तता पुलिस की जांच में उजागर हुई है। धीरे-धीरे स्वामी की पोल खुल रही है।
पुलिस की जांच में स्वामी चैतन्यानंद के मोबाइल से मिले चैट्स सबसे बड़ा सबूत हैं। वह छात्राओं से लगातार मैसेज कर उनसे नजदीकियां बढ़ाने की कोशिश करता था। सभी चैट्स अब पुलिस के पास ठोस सबूत के तौर पर मौजूद हैं। दिल्ली की कोर्ट में हुई सुनवाई में स्वामी चैतन्यानंद को 17 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। सुनवाई के दौरान स्वामी चैतन्यानंद के वकील ने सवाल उठाया था कि आखिर किन धाराओं के तहत न्यायिक हिरासत की मांग की जा रही है। इस पर कोर्ट ने जांच अधिकारी से साफ कहा कि क्या धारा 232 जोड़ी गई है। जांच अधिकारी ने बताया कि शिकायतकर्ता की दूसरी एफआईआर के बाद यह धारा केस में जोड़ी गई।
चैतन्यानंद के वकील ने कोर्ट से आग्रह किया कि उन्हें नियमित दवाइयां उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि चैतन्यानंद सनातनी सन्यासी जीवन जीते हैं, इसलिए उन्हें सात्विक भोजन मिले जिसमें लहसुन और प्याज न हो। इसके अलावा, सनातनी धार्मिक वस्त्र पहनने और अपने साथ आध्यात्मिक सामान रखने की अनुमति भी मांगी गई है। केस डायरी पर हस्ताक्षर करवाने की भी मांग की गई, यह कहते हुए कि उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है। कोर्ट ने इस पर कहा कि यह प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा है और इसमें अलग आदेश की जरुरत नहीं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस जांच में सामने आया है कि संस्था से जुड़े कई छात्रों ने आरोप लगाया कि उनसे जबरन मोबाइल फोन और शैक्षणिक दस्तावेज लिए गए और विरोध करने पर निष्कासन की धमकी दी गई। पुलिस का कहना है कि स्वामी चैतन्यानंद ने पूछताछ के दौरान न तो किसी तरह का पछतावा जताया और न ही सहयोगी रवैया अपनाया। इसके साथ ही संस्था की तीन महिला कर्मचारियों को भी गिरफ्तार किया गया है, जिन पर छात्रों पर दबाव बनाने और स्वामी चैतन्यानंद की मदद करने का आरोप है। जांच में यह भी सामने आया है कि स्वामी चैतन्यानंद ने आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं को नौकरी का झांसा देकर अपने जाल में फंसाने की कोशिश की। उन पर यौन संबंध बनाने के लिए दबाव डालने के गंभीर आरोप हैं।

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