दिल्ली सरकार की नई रणनीति: 56 कमजोर प्रदर्शन वाले स्कूलों को शिक्षा अधिकारियों ने 'एडॉप्ट' किया, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर फोकस
नई दिल्ली: शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और कमजोर प्रदर्शन वाले स्कूलों के शैक्षणिक परिणामों को मजबूत करने के उद्देश्य से, दिल्ली सरकार ने एक अहम पहल की है. शिक्षा निदेशालय (DoE) ने उन 56 स्कूलों की पहचान की है जहां कक्षा 9 और 11 में छात्रों का उत्तीर्ण प्रतिशत 60% से कम रहा है. इन स्कूलों को 2025-26 शैक्षणिक सत्र के लिए विभागीय अधिकारियों द्वारा संरक्षक के रूप में गोद लिया जाएगा. मंगलवार को जारी एक परिपत्र में कहा गया है कि इस कदम का उद्देश्य 2024-25 सत्र में खराब प्रदर्शन करने वाले स्कूलों में शैक्षणिक परिणामों में सुधार करना है.
यह निर्णय वर्ष 2024-25 के दौरान खराब प्रदर्शन करने वाले स्कूलों में सुधार लाने की दिशा में उठाया गया कदम है. इन स्कूलों का चयन कक्षा 9वीं और 11वीं के परीक्षा परिणामों के विश्लेषण के आधार पर किया गया है, जिसे शिक्षा निदेशालय की परीक्षा शाखा ने तैयार किया.
शिक्षा अधिकारियों को देनी होगी विस्तृत रिपोर्ट
सर्कुलर में कहा गया है हर अधिकारी को उनके सौंपे गए स्कूल में नियमित निरीक्षण करने होंगे और आवश्यकता के अनुसार सहायता प्रदान करनी होगी. हर पखवाड़े कम से कम एक बार स्कूल का दौरा अनिवार्य होगा और उसी दिन एक विस्तृत निरीक्षण रिपोर्ट शिक्षा विभाग को सौंपनी होगी.
इससे पहले 23 जून को जारी एक परिपत्र में, विभाग ने "मिशन गणित" और "संवर्धन कक्षाओं" जैसी पहलों के महत्व को रेखांकित किया था. ये पहल 6वीं से 10वीं कक्षा के छात्रों की वैचारिक स्पष्टता और संलग्नता को बढ़ाने की दिशा में काम कर रही हैं. यह प्रयास न केवल दिल्ली सरकार की शिक्षा में सुधार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि छात्रों को उनके शिक्षण जीवन में ठोस मार्गदर्शन और समर्थन प्रदान करने की दिशा में एक प्रभावी कदम भी है.

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